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उत्तर प्रदेश में पहली बार तीन अंतरराष्ट्रीय रोबोटिक प्लेटफॉर्म पर हुई हैंड्स-ऑन कार्यशाला, विशेषज्ञों ने साझा की आधुनिक तकनीक
चाय पंचायत, गोरखपुर।
जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में रोबोटिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एम्स गोरखपुर ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है। एम्स के अस्थि रोग विभाग की ओर से शनिवार को ‘इंटीग्रेशन ऑफ रोबोटिक्स इन जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी’ विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) एवं कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें पहली बार उत्तर प्रदेश में एक ही शैक्षणिक मंच पर दुनिया के तीन प्रमुख रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट प्लेटफॉर्म का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में स्ट्राइकर के MAKO, स्मिथ एंड नेफ्यू के CORI और जॉनसन एंड जॉनसन (डीप्यू सिंथेस) के VELYS रोबोटिक प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक तकनीक के माध्यम से जॉइंट रिप्लेसमेंट में सटीकता बढ़ाने, सर्जरी की बेहतर योजना तैयार करने और हड्डी की कटिंग तथा इंप्लांट के उचित संरेखण में मदद मिलती है। इससे सर्जन को मरीज की शारीरिक संरचना के अनुरूप अधिक नियंत्रित तरीके से प्रक्रिया करने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. विक्रांत मनहास, डॉ. अमित जायसवाल और डॉ. जयंत अरोड़ा ने व्याख्यान दिए। उन्होंने रोबोटिक सर्जरी के सिद्धांत, प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग, ऑपरेशन के दौरान रोबोटिक सिस्टम के उपयोग और टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी (TKA) व टोटल हिप आर्थ्रोप्लास्टी (THA) में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।
सिर्फ व्याख्यान नहीं, मशीन पर मिला प्रशिक्षण
कार्यशाला की खासियत यह रही कि प्रतिभागियों को केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रखा गया। हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण और सॉ-बोन डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से चिकित्सकों व रेजिडेंट्स ने अलग-अलग रोबोटिक प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। इससे प्रशिक्षणार्थियों को यह जानने का अवसर मिला कि प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग से लेकर सर्जरी के दौरान रोबोटिक सिस्टम के इस्तेमाल तक पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित होती है।
कार्यक्रम में अस्थि रोग विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों, रेजिडेंट चिकित्सकों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य जॉइंट रिप्लेसमेंट में तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक तकनीक के बारे में चिकित्सकों को व्यावहारिक जानकारी देना और नई तकनीकों के प्रशिक्षण के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत्त) के संरक्षण तथा प्रो. (डॉ.) अजय भारती के आयोजन अध्यक्षत्व में हुआ। तीन अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय रोबोटिक प्लेटफॉर्म को एक ही शैक्षणिक मंच पर लाकर आयोजित की गई यह कार्यशाला एम्स गोरखपुर की आधुनिक चिकित्सा तकनीकों में प्रशिक्षण और विशेषज्ञता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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