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गोरखपुर। गोरखपुर रेंज के देवरिया, भटनी के पूर्व कोतवाल भीष्मपाल सिंह यादव की हरकत से महकमे के पुलिस अधिकारी शर्मसार हो उठे हैं। दो दिनों से उसकी हरकत का वीडियो इस मोबाइल से उस मोबाइल में वायरल हो रहा है। लोग पहले फुटेज देख रहे हैं। फिर कोतवाल को गाली देते हुए सरकार को कोसने रहे। लोगों का कहना है कि क्या जरूरत थी ऐसे कोतवाल को पोस्ट करने की। इस तरह के लोग समाज के नाम पर बदनुमा दाग हैं। पुलिस की छवि कभी नहीं बदल सकती। ऐसे लोग जब तक डिपार्टमेंट हैं। तब किसी गरीब को इंसाफ मिलने की गुजाइंश नहीं है। वीडियो से देखकर खफा लोग यहां तक कह दे रहे हैं कि जब थानों को बेचा जाएगा तो यही सब होगा। रंगमिजाज भीष्मपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उस पर 25 हजार का इनाम जारी कर दिया गया है। 26 जून को एसपी देवरिया ने भीष्मपाल को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया था। बुधवार की शाम देवरिया पुलिस ने लखनऊ में इंस्पेक्टर भीष्म पाल सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया। उधर गोरखपुर के डीआईजी राजेश मोदक ने आरोपित इंस्पेक्टर को बर्खास्त कर दिया है।
पौने तीन मिनट का वीडियो, हद दर्जे की बेशर्मी
कोतवाल की हरकतें कुछ ऐसी ही हैं जैसी आजकल के वेब सीरिज में दिखाई जा रही हैं। वीडियो देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि कोतवाल सिर्फ वेब सीरिज देख रहा था। करीब पौने तीन मिनट के वीडियो में, अपने चैंबर में वर्दी में बैठा कोतवाल महिला फरियादी के सामने गंदी हरकतें कर रहा है। उसके पास से ही दो महिलाओं की आवाज आ रही है, लेकिन उनका चेहरा वीडियो में नहीं दिख रहा। बेहद ही शर्मनाक तरीके से वह अपने प्राइवेट पार्ट को पैंट से बाहर निकालकर महिलाओं को दिखाकर मसल रहा है। वह इशारा करते हुए उनको अपनी तरफ भी बुला रहा। कई थानों का प्रभारी रह चुके भीष्मपाल को एसपी ने 21 जून को सलेमपुर कोतवाली का चार्ज दे दिया था। वायरल हुआ वीडियो इसके पहले का हैं जब वह भटनी में तैनात था। 26 को मामला सामने आने पर उसे निलंबित कर दिया गया था। लेकिन बाद में यह वीडियो वायरल हुआ। इसलिए माना जा रहा है कि इसी वजह से उसे सस्पेंड किया गया। लेकिन तब मामला दबाने की कोशिश भी हुई पर काफी देर तक इंस्पेक्टर के कुकृत्य पर परदा नहीं डाल सके।
फरारी पर जारी हुआ 25 हजार का इनाम
वीडियो को लेकर देवरिया, गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है। कोतवाली में ही इस तरह की हरकत देखकर हर कोई हैरत में पड़ जा रहा। उम्र के इस पड़ाव पर गंदी हरकत को देखकर लोग इसे मानसिक रोग बता रहे हैं। इंस्पेक्टर भीष्म पाल को करीब से जानने वाले उसके बचाव में तर्क—कुतर्क कर रहे हैं। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। अपनी साख बचाने के लिए पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कराने की तैयारी कर चुके हैं। लेकिन थाना दफ्तर में की गई कोतवाल की हरकत पर लोग कह रहे हैं कि यह उसकी पुरानी आदत है। पहली बार मामला सामने आया है।
इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उसे फरार घोषित करते हुए 25 हजार रुपए का इनाम भी जारी किया गया।
श्रीपति मिश्र, एसपी देवरिया










