कानपुर में पुलिस पर हमला: गोरखपुर के दारोगा, महराजगंज के सिपाही भी घायल

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गोरखपुर। कानपुर के चौबेपुर, बिकरू में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर बदमाशों ने घरों की छत से गोलियां बरसाईं। बदमाशों के हमले में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही शहीद हो गए। हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें कानपुर नगर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक पुलिस कर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल दरोगा सुधाकर पांडेय गोरखपुर जिले के गोला बाजार थाना क्षेत्र के बेलवार पाठक निवासी हैं। जबकि घायल कांस्टेबल शिवमूरत निषाद महराजगंज जिले के पनियरा, गांगीबाजार के बरवासे के रहने वाले हैं। एडीजी जयनारायण सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, एसएससी दिनेश कुमार पी समेत पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं, वहीं अस्पताल में जाकर घायल पुलिस जवानों का हाल लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में कितने लोग मारे या घायल हुए हैं, इसकी सूचना नहीं है। बदमाशों ने पुलिस टीम से इंसास राइफल और दो पिस्टल भी लूट ली थी। गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है और हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। शुक्रवार की दोपहर तक तीन बदमाशों के मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना भी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत पर दुख जताया है। उन्होंने यूपी के डीजीपी को मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया और मामले की रिपोर्ट मंगाई।

बोले, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार पुलिस से हुई चूक
लखनऊ से कानपुर देहात पहुंचे एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार सीधे सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट देंगे। उन्होंने माना है कि इसमें पुलिस से चूक हुई। उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी। अब एसटीएफ के साथ कई टीमें ल लगी हैं। हत्यारे विकास को खोजा जा रहा है। इसके लिए कानपुर शहर के साथ ही देहात तथा पास के जिलों में लगातार छापा मारा जा रहा है। विकास दुबे का एक साथी हिरासत में है। यहां पर तो सभी बॉर्डर सील करने के साथ हर वाहन की चेकिंग की जा रही है। घटनास्थल से चार किमी दूरी पर पुलिस ने दोबारा मुठभेड़ में दो बदमाशों को मार गिराया है और पुलिस से लूटी गई पिस्टल बरामद की है। वहीं काशीराम निवादा गांव के पास जंगल में तीन बदमाशों के छिपे होने पर मुठभेड़ जारी है।

यह है घटनाक्रम
पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया था, पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी। रास्ते में जेसीबी लगा दिया गया जिससे हमारे वाहन बाधित हो गए। जब फोर्स नीचे उतरी तो अपराधियों ने गोलियां चला दीं। जवाबी गोलीबारी हुई लेकिन अपराधी ऊंचाई पर थे, इसलिए हमारे 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वर्ष 2001 में शिवली थाने के बाहर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या में नामजद रह चुके हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू का रहने वाला है। उसपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वांछित अपराधी है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी।

शहीद हुए पुलिसकर्मी
— सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा
— एसओ महेश यादव
— चौकी इंचार्ज अनूप कुमार
— सब-इंस्पेक्टर नेबूलाल
— कांस्टेबल सुल्तान सिंह
— कांस्टेबल राहुल
— कांस्टेबल जितेंद्र
— कांस्टेबल बबलू

हमले में ये पुलिस कर्मचारी हुए घायल
दरोगा कौशलेंद्र प्रताप सिंह
दरोगा सुधाकर पांडेय
सिपाही अजय सिंह सेंगर
सिपाही अजय कुमार कश्यप
सिपाही शिवमूरत निषाद

हिस्ट्रीशीटर ने ऐसे किया पुलिस पर हमला
— विकास दुबे के नाम से हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज था।
— इस मुकदमे में पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए दबिश देने गई।
— पुलिस दबिश की भनक उसे पहले से लग चुकी थी। उसने रास्ते में जेसीबी लगा दी।
— पुलिस की गाड़ियां रास्ते में रुक गईं। पुलिस कर्मियों के वाहन से उतरते ही ताबड़तोड़ ​फायर किया गया।
— बदमाशों ने छत से गोलियां चलाईं। जवाबी फायरिंग करके पुलिस ने मोर्चा संभाला। अंधेरे में आठ पुलिस कर्मचारी शहीद हुए।
— पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसटीएफ सहित अन्य टीमों की काबिंग में बदमाशों से कई जगहों पर पुलिस की मुठभेड़ हुई।
— हिस्ट्रीशीटर के मामा सहित दो लोगों को मार गिराया गया। शुक्रवार की दोपहर 12.30 तक एक अन्य के मारे जाने की सूचना, लेकिन पुष्टि नहीं हो पाई।


पुलिस टीम पर हमला करके फरार बदमाशों से दोबारा पुलिस की मुठभेड़ हुई है। घटनास्थल से करीब चार किमी दूर एक जंगल में मुठभेड़ दो बदमाश मारे गए हैं, वहीं दो पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। उनके कब्जे से हथियार भी बरामद हुए हैं।
मोहित अग्रवाल, आईजी, कानपुर

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