एडवोकेट बनकर कचहरी पहुंचा माफिया राकेश, नेपाल भागने का दावा करते रहे पुलिस अधिकारी

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गोरखपुर। गुलरिहा, झुंगिया निवासी राकेश यादव ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ 25 हजार का इनाम घोषित किया था। एडवोकेट की तरह कपड़े पहनकर बुधवार को कचहरी में पहुंचा।
पिपराइच में हत्या की कोशिश के एक मामले में जमानत खारिज कराकर न्याययिक दंडाधिकारी प्रथम की कोर्ट में हाजिर हो गया। उसे रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ करने की तैयारी में है। राकेश की हरकत से पुलिस को जबरजस्त झटका लगा। कई पुलिस अधिकारी उसके नेपाल भागने के दावे कर रहे थे। दो दिन से राकेश यादव के खिलाफ 50 हजार का इनाम बढ़ाने की फ़ाइल घूम रही थी। पुलिस का दावा है कि दबाव के कारण माफिया ने सरेंडर किया। लेकिन यह पुलिस की बड़ी चूक है।


प्रॉपर्टी डीलर पर कराया था हमला, शूटर को दी सुपारी
पुलिस का दावा है कि नौ जून को राकेश यादव के कहने पर बदमाश विपिन सिंह ने छोटू प्रजापति के घर पहुंचकर गोली चलाई। लेकिन वह फिर बच गया तो बौखलाया विपिन अपने साथियों के साथ शाहगंज में अरुण निषाद के घर पहुंचा। वहां अरुण नहीं मिला तो उसके भाई दीप चंद को गोली मारकर बदमाश भागने लगे। बदमाशों के हमले में मोहल्ले का 10 साल का एक बच्चा भी घायल हो गया। गोली चलाकर भाग रहे बदमाशों को पुलिस ने घेर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में विपिन के पेट में गोली लगी। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस मामले में भी राकेश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस ने तीन—चार बाद दबिश दिया। लेकिन फिर भी वह बच निकला।


दर्ज है 48 मुकदमे, नेपाल भागने का करते रहे दावा

राकेश पर पीपीगंज में हत्या, डकैती, आर्म्स एक्ट, शाहपुर में गैंगेस्टर, चिलूआताल में धमकी के अलावा गुलरिहा, खजनी, कोतवाली, चिलुआताल, तिवारीपुर, शाहपुर, बांसगांव, गोरखनाथ, संतकबीरनगर के महुली, आजमगढ़ के कोतवाली, पिपराइच में कुल 48 मुकदमे दर्ज है। राकेश की गिरफ्तारी में नाकामी पर कुछ पुलिस अधिकारी यह कहते रहे कि वो नेपाल भाग गया है। इससे उनके दावे की पोल खुल गई।

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