गोरखपुर के घायल दारोगा की जुबानी, विकास दुबे की पुलिस पर हमले की कहानी

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– बुधवार को गोरखपुर आएंगे विकास दुबे के हमले में घायल दारोगा
● आशुतोष मिश्रा
गोरखपुर। आंखों के सामने अचानक अंधेरा छा गया। दरवाजे पर पुलिस टीम के पहुंचते ही विकास और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर अपने घर की छत से ताबड़तोड़ फायरिंग की और बम फेंकना शुरू कर दिया। वह और उसके साथी शैतान हो गए थे। उन्होंने चंद सेकेंड में सैकड़ों गोलियों की बौछार की। आंख के इर्द-गिर्द 12 बोर जैसे किसी असलहे का छर्रा लगा जिससे सब कुछ बिल्कुल काला पड़ गया। हमें अंदाजा नहीं था कि वो (विकास) पहले से योजना गढ़ कर बैठा है। 2/3 जुलाई की रात मुखबिर ने बिल्हौर सर्किल के सीओ देवेंद्र मिश्रा को सूचना दी। उनकी अगुवाई में सर्किल के तीन थानों की फोर्स बिकरू गांव पहुंची। उस वक्त रात के 12.45 बज रहे थे। गांव पहुंचते ही अचानक लाइट कट गई। टीम में 40 पुलिसकर्मी शामिल थे। विकास के घर जाने वाली सीसी रोड पर जेसीबी खड़ी थी। इसलिए पुलिस की सभी गाड़ियां वहीं रुक गईं। हम सभी पैदल ही विकास दुबे के घर के सामने पहुंचे तभी बिना किसी बातचीत के उसके घर की छत से गोलियों की तड़तड़ाहट शुरू हो गई। कुछ बम भी फेंके गए। हम सभी थोड़ा पीछे हट कर मोर्चा लेने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन हमलवार हमारी हत्या पर आमादा थे। उनके हमले में हमारे कुछ साथी पहले ही घायल हो गए जिन्हें वहां से तत्कालअस्पताल ले जाया गया। बाद में सीओ साहब समेत कुछ ने मोर्चा संभाला। लेकिन वह सब लोग हमले में शहीद हो गए। हमें कानपुर के रीजेंसी अस्तपाल पहुंचाया गया।

ये सब कुछ बयां किया है कानपुर में गैंगेस्टर विकास दुबे गैंग के हमले में घायल दारोगा सुधाकर पाण्डेय ने जो रीजेंसी अस्पताल से डिस्चार्ज होकर मंगलवार को लखनऊ स्थित अपने घर पर पहुंच गए। बुधवार को उनके गोला, बेलपार पाठक आने की संभावना है। मोबाइल हुई बातचीत उन्होंने कहा कि उन्हें क्या, किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि विकास और उसके साथी पुलिस टीम पर इस प्रकार से हमला करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा जैसे विकास को पुलिस के हर मूवमेंट की जानकारी थी। अस्पताल में उन्हें जानकारी मिली कि सभी शहीद पुलिसजनों डेड बॉडी एक के ऊपर एक रखकर उन्हें जलाने का भी प्रयास विकास और उसके साथियों ने किया था। लेकिन पुलिस फोर्स के पहुंच जाने से वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके। दारोगा ने बताया कि गांव पर माता-पिता और अन्य परिजन परेशान हैं। इसलिए वह बुधवार की शाम तक गांव पहुंचेंगें। उन्होंने कहा कि शेष घायल साथी भी ठीक हैं। उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

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