गोरखपुर के टॉप-10 बदमाश: 1 लाख का इनामी राघवेंद्र, प्रदीप पर 53 मुकदमे

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• जिले के टॉप – 10 बदमाशों की पुलिस ने जारी की सूची, मची खलबली
• बांसगांव बम कांड से चर्चित राकेश यादव पर 15 हजार रुपए का इनाम

– चाय पंचायत टीम

गोरखपुर। कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने आठ पुलिस वालों की हत्या कर दी। घटना तब हुई जब पुलिस की टीम डीएसपी की अगुवाई में हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई थी। इस वारदात से उत्तर प्रदेश पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। प्रदेशभर में माफिया, हिस्ट्रीशीटर और टॉप – 10 लिस्ट के बदमाशों की फाइलें खंगाली जा रही हैं। थानावार, सर्किल, जिले, रेंज और जोन स्तर पर टॉप – 10 के शातिरों की सूची जारी की जाएगी। सूची में शामिल बदमाशों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। उनके मैन पॅावर, गन पॉवर और आर्थिक स्रोतों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई का खाका तैयार होगा। बुधवार को गोरखपुर जिले के टॉप 10 बदमाशों की लिस्ट जारी हुई। इनमें पिपरौली के ब्लाक प्रमुख सुधीर सिंह, बांसगांव बम कांड से सुर्खियों में आए राकेश यादव, कार्बाइन से गोलियां चलाने वाले सुभाष शर्मा सहित कई नाम शामिल हैं। सबसे ज्यादा 53 मुकदमे प्रदीप सिंह के खिलाफ हैं जबकि एक लाख के इनामी राघवेंद्र के खिलाफ हत्या के ​चार मामले दर्ज हैं। उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है। गोरखपुर के एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता का कहना है कि इन बदमाशों पर खास निगरानी होगी।

गोरखपुर जिले में ये टॉप —10 के बदमाश
1. राघवेंद्र यादव, झंगहा के सुगहा का ​रहने वाला है। उसने चार लोगों की हत्याएं की है। फरार चल रहे राघवेंद्र पर एक लाख रुपए का इनाम है। पुलिस की पकड़ से दूर राघवेंद्र काफी शातिर है।

2. शैलेंद्र प्रताप सिंह, बेलघाट बहादुरपुर बुजुर्ग का रहने वाला है। उसके खिलाफ हत्या सहित नौ मुकदमे दर्ज हैं। 25 हजार रुपए का इनामी घोषित किया गया है।

3. राकेश यादव, झुंगिया बाजार, गुलरिहा का रहने वाला है। माफिया गैंग आईआर—20 में रजिस्टर्ड राकेश यादव गुलरिहा का एसएस नंबर 33 ए है। राकेश के खिलाफ विभिन्न थानों में मर्डर, लूट सहित विभिन्न धाराओं में कुल 48 मुकदमे दर्ज हैं। इसके खिलाफ 15 हजार का इनाम जारी है।

4. राधे उर्फ राधेश्याम यादव, धसका, बांसगांव का निवासी है। एसएस 115 ए, राधे के खिलाफ 35 गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

5. सत्यव्रत राय, बेलवाबुजुर्ग, सिकरीगंज थाना क्षेत्र का निवासी है। आपराधिक माफिया आईएस 217 में दर्ज सत्यव्रत के खिलाफ 16 मुकदर्म दर्ज हैं। इनमें हत्या सहित अन्य मामले शामिल हैं।

6. सुभाष शर्मा, खजनी के बसडीला गांव का निवासी है। कार्बाइन लेकर चलने वाला सुभाष पुलिस के लिए कभी भी चुनौती बन सकता है। इसके खिलाफ लूट, मर्डर सहित 22 मुकदमे दर्ज हैं। एचएस 100 ए, सुभाष ने अक्सर पुलिस को चुनौती दी है।

7. माफिया गैंग डी—4 में दर्ज अजीत शाही मूल रूप से देवरिया का रहने वाला है। कैंट थाना क्षेत्र के बेतियाहाता आवास विकास कालोनी में अजीत शाही का मकान है। अजीत शाही पर कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, हत्या सहित कई मामले शामिल हैं। राजनीतिक रसूख के कारण अजीत शाही ने काफी वर्चस्व कमाया था। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद अजीत शाही का गोरखपुर में मूवमेंट कम हो गया।

8. सहजनवां, मल्हीपुर निवासी प्रदीप सिंह के खिलाफ एसएच नंबर 9 ए खुला है। कभी सुपारी के लिए चर्चित प्रदीप सिंह के खिलाफ कुल 53 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मर्डर, लूट, हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराएं शामिल हैं।

9. प्रदीप सिंह के साथ पारिवारिक दुश्मनी में सुधीर सिंह ने अपना वर्चस्व बढ़ाया। कालेसर सहजनवां, निवासी सुधीर सिंह वर्तमान में पिपरौली के प्रमुख सुधीर सिंह के खिलाफ कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं। सुधीर के पास युवाओं की फौज है। जो उसके इशारे पर मर—मिटने को तैयार रहते हैं। राजनीति में भी सुधीर सिंह की अच्छी पकड़ है।

10. विनोद कुमार उपाध्याय को गोरखपुर शहर में क्राइम का मास्टर माइंड माना जाता है। जटेपुर उत्तरी निवासी विनोद के खिलाफ 25 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। ठेकेदारी के गैंगवार सहित अन्य कई घटनाओं में विनोद का नाम सामने आ चुका है।

किसके खिलाफ — कितने मुकदमे
प्रदीप सिंह 53 मुकदमे
राकेश यादव 48 मुकदमे
राधे उर्फ राधेश्याम 34 मुकदमे
अजीत शाही 33 मुकदमे
सुधीर सिंह 33 मुकदमे
विनोद उपाध्याय 25 मुकदमे
सुभाष शर्मा 22 मुकदमे
सत्यव्रत राय 16 मुकदमे
शैलेंद्र प्रताप सिंह 09 मुकदमे
राघवेंद्र यादव 04 मुकदमे

“गोरखपुर के बदमाशों की टॉप—10 की लिस्ट तैयार की गई है। यह लिस्ट सभी थानेदारों के पास रहेगी। लिस्ट में शामिल बदमाशों की नियमित निगरानी की जाएगी। उनसे संबंधित हर तरह की सूचना को लगातार अपडेट किया जाएगा। इनके साथ पुलिस वालों के संपर्क सहित अन्य बिंदुओं पर भी नजर रहेगी।”
डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी- गोरखपुर

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