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गोरखपुर। जिले में दो जगहों पर करीब तीन सौ चमगादड़ों की मौत हो गई। अचानक बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत से लोग डर गए। सूचनला मिलने पर वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। चमगादड़ों की मौत की वजह से जानने के लिए उनका पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बरेली में उनका पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद मौत की वजह सामने आ सकेगी। कयास लगाया जा रहा है कि भीषण गर्मी में पानी की कमी से चमगादड़ों की जान गई। लेकिन आसपाएरिया में लोगों को अंजान डर सता रहा है।
आम के बाग में टप—टप करके गिरे चमगादड़
बेलघाट इलाके में मंगलवार को राधा स्वामी सत्संग भवन के पास स्थित बाग में चमगादड़ मरे मिले। लोगों ने पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को बताया कि टप— टप करके चमगादड़ पेड़ों से गिर रहे थे। इसलिए वन विभाग ने पशु डॉक्टर भी बुलाए। ताकि उनका सैंपल लिया जा सके।
सत्संग भवन के पास रोहित शाही के बहर्रा के पेड़ पर कई साल से चमगादड़ रहते थे। सोमवार की दोपहर बाद से ही उनकी मौत होने लगी थी। इसके अलावा ज्ञान नारायण शाही के आम के बगीचे में भी चमगादड़ मरे मिले। डीएफओ अविनाश कुमार ने आशंका जताई कि हीट स्ट्रोक या कीटनाशक के इस्तेमाल के चलते इन चमगादड़ों की मौत हुई है। आईवीआरआई की जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहना उचित होगा। डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग की टीम मरे मिले तीन चमगादड़ों के शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए बरेली रवाना हो गई है। खजनी के फारेस्ट गार्ड सुमित यादव को बरेली भेजा गया है। दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सामने आ जाएगी।
यूकेलिप्टस के पेड़ों पर भी थे चमगादड़
गोला क्षेत्र के गोपालपुर में भी चमगादड़ यूकेलिप्ट्स के पेड़ों पर डेरा डाले हुए थे। लोगों ने पुलिस को बताया कि रविवार को कुछ चमगादड़ मरे मिले थे। उनके सड़ने से बदबू आ रही थी। इसलिए सभी को जमीन में दफना दिया गया। लेकिन सोमवार को फिर काफी संख्या में चमगादड़ मिले। यह सिलसिला जारी रहने से ग्रामीण भी डर गए। इसलिए लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यूपी में कई जगहों से ऐसे मामले सामने आए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के रहस्य से पर्दा उठ जाएगा।
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