गोरखपुर महोत्सव: शहर छोटा हो या बड़ा, कार्यक्रम किसी स्तर का हो, पूरी तैयारी से मंच पर पहुँचती हैं अनुराधा पौडवाल

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गोरखपुर। “हैरान हूं मैं आप की जुल्फों को देखकर ……तारीफ करना हुस्न की मरदों की अदा..।” जैसे गानों को गाकर कभी युवाओं के दिलों पर राज करने वाली फेमस सिंगर अनुराधा पौडवाल मंगलवार को गोरखपुर महोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए पहुँची। इसके पूर्व उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। टी- सीरीज के भक्ति गीतों की कड़ी में सैकड़ों भक्ति गीत गाकर हर घर में अपनी पैठ बना चुकी अनुराधा पौडवाल ने कहाकि
समय की बदलती धारा के साथ संगीत भी बदलता है। हर दौर में एक अलग संगीत होता है। जैसा समय होता है वैसा ही संगीत का चलन होता है। उन्होंने कहा कि भजन गायन से सुकून मिलता है। यह परमात्मा का एहसास कराने वाला संगीत है। हम जैसा संगीत सुनते हैं वैसा ही असर पड़ता है।

फिल्मों में प्लेबैक सिंगर, कई भाषाओं में गायन
अनुराधा ने भजन के साथ ही पंजाबी, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, उड़िया और नेपाली भाषा में भी गाने गाए हैं। फिल्मी गीतों के साथ भजन गाकर भी काफी नाम कमाया है। उन्होंने कहाकि
संगीत ऐसी कला है जो किसी के सिखाने से नहीं आती। इसके लिए खुद को समर्पित करना पड़ता है। दिल से अभ्यास करके हम मंजिल के करीब पहुंचते हैं। मैं आज भी ठीक उसी तरह से अभ्यास करती हूं जैसा शुरुआती दौर में करती थी।

कहीं हो कार्यक्रम, करती हूं पूरी तैयारी
अनुराधा पौडवाल कहती हैं कि कार्यक्रम कहीं भी हो। शहर छोटा हो या बड़ा, बड़े स्तर का कार्यक्रम हो या न हो। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। प्रस्तुति के लिए मैं तैयारी पूरी शिद्दत और गंभीरता से करती हूं। हर शहर और उसके दर्शकों की अपनी अलग- अलग गरिमा होती है।

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