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गोरखपुर। कोतवाली के चरण लाल चौक पर इलाहाबाद बैंक की ब्रांच में रहस्यमय चोरी का पर्दाफाश पुलिस ने मंगलवार को किया। बैंक का सफाई कर्मचारी ही चोर निकला। अपने दोस्त और उसके भाई संग मिलकर चोरी कर डाली। लेकिन उसकी योजना पर क्राइम ब्रांच ने 24 घण्टे में पानी फेर दिया। कर्मचारी, उसके दोस्तों को अरेस्ट कर पुलिस ने पूरा पैसा और सोना बरामद कर लिया।

चरणलाल चौक पर इलाहाबाद बैंक की शाखा में 16 ताले खोलकर 3.61 हजार रुपये और तकरीबन 20 लाख कीमत के गहने चोरी होने की खबर सोमवार की सुबह कोतवाली पुलिस को हुई तो हड़कम्प मच गया। पुलिस को इस बात की आशंका हो गई कि किसी बैंक कर्मचारी ने हरकत की है। एसएसपी डा. सुनील कुमार गुप्ता ने इस घटना के खुलासे की जिम्मेदारी एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ, एसपी क्राइम अशोक कुमार वर्मा और सीओ क्राइम प्रवीण कुमार सिंह को सौंप दी।कर्मचारियों से पूछताछ में चोरी की असलियत सामने आ गई। सफाई कर्मचारी चिलुआताल थाना क्षेत्र के उतरासोत निवासी रामविशाल और उसके दोनों साथियों को पुलिस ने दबोच लिया। उनके पास से काले बैग में रखा 3,65000 रुपया और गहना बरामद हो गया।

पुलिस की कड़ाई से राम विशाल ने बताया कि शुक्रवार की शाम उसने वाल्ट खुला छोड़ दिया था। उस पर भरोसा कर बैंक मैनेजर और कर्मचारी घर चले गए। सोमवार की सुबह 9.10 बजे बैंक पहुंच कर लॉकर में रखा रकम और गहने अपने दोनों रिश्तेदारों को देकर भेज दिया। उनके जाने के बाद उसने बैंक मैनेजर को चोरी की जानकारी दी। पूछताछ में मालूम हुआ कि उसके दोनों दोस्त तिवारीपुर क्षेत्र के मंझरिया निवासी अजय और रंजीत निषाद सगे भाई हैं। रामविशाल ने पुलिस को बताया कि सोमवार की सुबह 9.10 मिनट पर बैंक पहुंचा। सात मिनट में स्ट्रांग रूम के सेफ्टी लॉकर में रखी नकदी और गहने समेट कर अपने दोस्त के हाथ भेज दिया। फिर बैंक मैनेजर को चोरी की जानकारी दी। उसे लगा कि पुलिस कहानी पर यकीन कर लेगी। लेकिन जांच के पहले कदम पर ही राम विशाल ने पुलिस को क्लू दे दिया था।













