पूर्वांचल में ओवरलोड ट्रक चलवाने वाला गैंग, हर महीने अरबों रुपए की काली कमाई

0
197

गैंग सरगना धर्मपाल सहित छह सदस्यों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया
• पूर्वांचल के कई जिलों के आरटीओ के अधिकारियों के नाम डायरी में दर्ज

गोरखपुर। आरटीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ओवरलोडिंग गाड़ियां चलवाने वाले एक रैकेट को शुक्रवार को बेलीपार के मेहरौली स्थित मधुबन ढाबा से एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। सरगना सहित रैकेट के छह सदस्यों के पास से गोपनीय डायरी और रजिस्टर भी बरामद हुए। इसमें पूर्वांचल के 16 जिलों के आरटीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों को महीने में दी जानी वाली रकम का हिसाब-किताब लिखा है। एसटीएफ ने सभी आरोपियों को बेलीपार थाने में दाखिल किया है।
यूपी एसटीएफ को सूचना मिली थी कि पिछले 15 साल से ट्रक सहित अन्य गाड़ियों की ओवरलोडिंग कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने वाला का एक गैंग चल रहा है। अफसरों के निर्देश पर गोरखपुर एसटीएफ के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में एसआई सूरज नाथ सिंह, आलोक कुमार राय की टीम लगाई गई। सूचना सही होने पर शुक्रवार को एसटीएफ ने बेलीपार के मेहरौली स्थित मधुबन होटल ढाबा पर दबिश देकर छह लोगों को गिरफ्तार किया।

गैंग सरगना सहित छह लोग हुए गिरफ्तार
एसटीएफ ने बेलीपार के मेहरौली निवासी धर्मपाल सिंह पुत्र स्वर्गीय राम सिंह, मनीष सिंह उर्फ सिब्बू सिंह पुत्र बम बहादुर सिंह, विवेक सिंह उर्फ सिक्कू सिंह पुत्र स्वर्गीय लाट बहादुर सिंह, श्रवण कुमार गौड़ पुत्र सोमई प्रसाद,रामसजन पुत्र राम देव तथा देवरिया जिले के कपरवारघाट निवासी शैलेष मल्ल पुत्र श्रशिकेश्वर मल्ल गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के मुताबिक धर्मपाल सिंह गैंग का सरगना है। यह गैंग पिछले 15 साल से यह धंधा कर रहा था।

कई जिलों में नेटवर्क, अरबों रुपए का वारा- न्यारा
एसटीएफ को इनके पास से एक डस्टर कार यूपी 53 बीएस 2001, महिद्रा स्कार्पियो यूपी 53 डीएस 8224, 12 मोबाइल फोन, अवैध वसूली का 28400 रुपये नकद, 35 डायरी रजिस्टर जिसमें विभिन्न जिलों के आरटीओ अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम, विभिन्न बैंकों के खाता संख्या का विवरण, माहवार, वर्षवार, अलग-अलग जनपदों की अलग-अलग वाहनों की सूची, गाड़ी नम्बर, एटीएम कार्ड, कई चालकों के नाम और नम्बर आदि दर्ज है। जांच में पता लगा कि हर 5500 से अधिक ट्रकों की ओवरलोडिंग का प्रति ट्रक 4500 से 5000 वसूला जाता था। यह पैसा कई अफसरों की जेब में गया है। इस गैंग का नेटवर्क गोरखपुर, बस्ती, बलिया, गाजीपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, चंदौली, भदो ही, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़, मऊ के अलावा कई जिलों में फैला है।

Leave a Reply